दिङ्खानिरोध और अरियासक्कम के सिद्धांत
<3.7.2> तम् क्षो पाण्डाम् दिङ्खानिरोध् अरियासक्कम् सकchi-कत्तबन्ति मे भिख्खव; पुबे अनानुस्सतेसु धम्मेसुैक्खुम् उडपाडि णानम् उडपाडि पाण्णा उडपाडि विण्जा उडपाडि अालोक उडपाडि.
<3.7.3> तम् क्षो पाण्डाम् …
इस पाठ में दिङ्खानिरोध और अरियासक्कम जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ये अनुस्सतेधर्मों के ज्ञान की परिकल्पना करते हैं। ये उपदेश भिक्षुओं के लिए मार्ग दर्शाते हैं जिसमें ज्ञान